यामाहा RX-100: रजनीकांत से लेकर धोनी तक रहे हैं इस बाइक के दीवाने

Yamaha RX100 Iconic Bike of India: आज भारत में तमाम बाइक्स मौजूद हैं. कुछ अच्छी और कुछ बेहतरीन. कुछ कम कीमत की तो कुछ लाखों में, लेकिन इन सभी के प्रति लोगों की दीवानगी इतनी नहीं है, जो कभी यामाहा आरएक्स-100 के लिए हुआ करती थी.

यामाहा आरएक्स-100 एक ऐसी बाइक है, जिसकी लोकप्रियता गुजरते दिन के साथ बढ़ी है. बाइक्स की मौजूदा प्रतिस्पर्धा के बावजूद आज भी आरएक्स-100 जैसी कोई बाइक बाजार में नहीं है.

इसके कई कारण हैं, जिसमें से एक है इसका शक्तिशाली इंजन और कम दाम. वहीं, इसका कम वजन इसे हल्की और फुर्तीली बनाता है.

ये अपने जमाने में रेसिंग के दीवानों से लेकर कॉलेज के लड़कों सभी की फेवरेट रही. आपने भी कभी न कभी ये बाइक जरूर चलाई होगी, और हो सकता है कि आपमें से कुछ के पास ये अभी भी हो.

ऐसे में आइए, एक बार दोबारा से यामाहा आरएक्स-100 पर सवार होकर उसके इतिहास का सफर करते हैं –

सस्ती बाइक थी भारतीयों की पसंद

बात सन 1973 की है, जब जापान की अग्रणी बाइक निर्माता कंपनी यामाहा ने RD-350 नाम से एक बाइक बाजार में उतारी. स्पोर्ट्स खासकर रेसिंग दीवानों के लिए बनी इस मोटरसाइकिल में आगे की ओर डिस्क ब्रेक दिए गए थे.

बहरहाल, टू-स्ट्रोक इंजन वाली इस बाइक ने आते ही बाजार में तहलका मचा दिया. अपनी सफलता को देखते हुए यामाहा कंपनी ने भारतीय बाजारों में भी इस बाइक को उतारने का फैसला किया.

इसके तहत सन 1983 में एस्कॉर्ट्स ग्रुप के साथ मिलकर यामाहा ने ‘राजदूत-350‘ के नाम से RD-350 का भारतीय संस्करण पेश कर दिया गया.

भारत में ये बुरी तरह से पिट गई.

यहां रेसिंग के दीवाने तो थे, लेकिन विदेशों के मुकाबले उनकी तादाद बहुत कम थी. देश की अर्थव्यवस्था भी ग्रामीण और कृषि आधारित थी. बाजार खुले नहीं थे. ऐसे में इसके महंगे दामों ने लोगों को इससे दूर कर दिया.

इसके अलावा, ‘राजदूत-350’ का माइलेज बहुत अच्छा नहीं था.

कुल मिलाकर ‘राजदूत-350’ की बिक्री निराशाजनक रही. ये आम लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने में असफल साबित हुई.

ऐसे में भारतीय ग्राहकों के बीच सस्ती और टिकाऊ बाइक की मांग ने यामाहा को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने को मजबूर कर दिया.

उसी का परिणाम ‘यामाहा आरएक्स-100′ के रूप में सामने आया.

Dismal sales OF Rajdoot 350, Yamaha RX100 Was a Comeback Product. (Pic: bikes4sale)

 

स्पीड ने दिया ‘पॉकेट रॉकेट’ नाम

इस नई बाइक के लांच होने के बाद भी बाजारों में ऐसी अफवाहें थीं कि इसका इंजन जो दिखाया गया है, उससे काफी बड़ा है. ऐसे में कई अथॉरिटीज ने इसके इंजन को खोलकर ये देखा कि क्या वाकई इसमें 100 सीसी से ज्यादा का इंजन लगा है. बहरहाल, ऐसा कुछ भी नहीं मिला.

जल्द ही इसने भारतीय बाजार में अपनी पकड़ बना ली. इस बाइक का उत्पादन 1985 में शुरू हुआ, जब पहली बार जापान से 5,000 बाइक को भारत के बाजारों में बिक्री के लिए लाया गया.

अपनी लांचिंग के बाद से ही अविश्वसनीय प्रदर्शन और आरामदायक हैंडलिंग के अलावा ये बाइक लोगों के भरोसे को भी जीतने में कामयाब रही.

यामाहा आरएक्स-100 मोटरसाइकिल ने लोगों के दिलों पर राज किया है. ये सच में रेसिंग के लिए प्रेरित करने वाली बाइक थी. उस समय में जब टू-व्हीलर बाजार में चुनिंदा बाइक्स मौजूद थीं, ऐसे समय में रेसिंग के दीवानों ने जमकर इस रोमांचक मोटरसाइकिल का लुत्फ उठाया है.

इसमें 98 सीसी का टू स्ट्रोक एयर कूल्ड सिंगल सिलेंडर इंजन लगा था, जो इस बाइक को 7,500 आरपीएम के साथ 11 बीएचपी की ताकत देता था. वहीं, इसका वजन मात्र 98 किलो ही था.

अपने दमदार इंजन की बदौलत 4 स्पीड गियरबॉक्स वाली यामाहा आरएक्स-100, 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ दौड़ सकती है.

माना जाता है कि इसका हल्का वजन इसे रॉकेट की तरह से उड़ाता था. ऐसे में इसे एक नया नाम मिला ‘पॉकेट रॉकेट’.

ऐसे में ये कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं कि ये बाइक सिर्फ दौड़ती नहीं थी, बल्कि सड़कों पर उड़ती थी.

यामाहा आरएक्स-100 की टॉप स्पीड गजब थी, लेकिन इसे ज्यादा देर तक तेज स्पीड में चलाया नहीं जा सकता था. इसका हल्का वजन और बॉडी इसके संतुलन को बिगाड़ सकती थी.

Yamaha RX100 was उanufactured by Yamaha From 1985 to 1996. (Pic: xBhp.com)

अपराधियों की पसंदीदा बाइक

एक ओर जहां इसकी स्पीड रेसिंग के दीवानों को अपना कायल बनाती थी. वहीं, इसने चैन स्नैचरों को भी प्रोत्साहन दिया.

ये एक संयोग ही था कि फुर्तीली स्पीड ने चेन स्नैचर और अन्य अपराधियों के बीच यामाहा आरएक्स-100 बाइक को एक लोकप्रिय वाहन बना दिया था.

अपराधी क्राइम के बाद तुरंत वहां से रफू-चक्कर होने के लिए इसका इस्तेमाल करने लगे थे. हालांकि ये तभी तक था जब तक बाजार में काले कलर की पल्सर नहीं आई थी. इसके बाद ब्लैक पल्सर अपराधियों का प्रमुख वाहन बन गई.

बहरहाल, यामाहा आरएक्स-100 की शुरूआती कीमत लगभग 19,764 रुपए थी, जो आज के दौर में लगभग 60,000 रुपए तक पहुंच जाती है. अगर आज के मुकाबले में देखें तो 100 सीसी की कोई बाइक खरीदने के लिए ये एक बड़ी रकम है, लेकिन तब कम ही ऑप्शन थे. इस लिहाज से ये कोई ज्यादा महंगी नहीं थी.

वहीं, उस समय टू-व्हीलर बाजार में 100 सीसी की हीरो होंडा सीडी100 भी थी, लेकिन इसके मुकाबले उसकी बिक्री कहीं नहीं थी. लोगों में आरएक्स-100 के प्रति एक अलग ही दीवानगी देखी जाती थी.

शुरुआत में यह 3 रंगों जैसे चेरी लाल, मोरपंखी नीला और काले रंग में उपलब्ध थी. इसके बाद कई और रंग में भी इसकी बिक्री हुई.

Yamaha RX100 Was A Popular Choice Among Chain Snatchers. (Pic: yamaharx100)

…और बंद करनी पड़ी बिक्री

यामाहा आरएक्स-100 इकलौती ऐसी बाइक थी, जिसने 1985 से लेकर 1996 तक भारतीय सड़कों पर राज किया था. फिर समय बदला और ये कानून के फेर में फंस गई, इस कारण इसका उत्पादन बंद करना पड़ा.

माना जाता है कि कंपनी ने प्रदूषण उत्सर्जन नियमों के अनुसार इस मोटरसाइकिल के इंजन में बदलाव नहीं किया. इस कारण साल 1996 में इसे बंद कर दिया गया.

यामाहा आरएक्स 100 ऐसे समय में लांच की गई थी, जब मोटरसाइकिल सुरक्षा के संबंध में ज्यादा कानून नहीं थे.

ऑटोमोबाइल्स पर तमाम तरह के पर्यावरण सुरक्षा संबंधी कानूनों का पालन करने का जो दबाव आज है, वो उस दौरान नहीं था. माना जाता है कि यही वो सबसे बड़ा कारण था, जिसकी वजह से यामाहा आरएक्स 100 की कीमत कम रही.

यामाहा को मोटरसाइकिल के इंजन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की कोई आवश्यकता नहीं थी. इससे निर्माताओं को लागत कम रखने में मदद मिली.

इसके विपरीत अगर वर्तमान स्थिति को देखा जाए, तो पिछले 30 सालों में कई प्रकार के पर्यावरण सुरक्षा कानून आए हैं. इस कारण ऑटोमोबाइल प्रौद्योगिकी में भी अविश्वसनीय विकास हुआ है. इस कारण मोटरसाइकिल सुरक्षा मानदंड कठोर हुए हैं.

The RX 100 Had A Nimble Body and Accelerated like a Rocket. (Pic:motoringjunction.com

अब है मोडीफाई आरएक्स-100 का जमाना  

यामाहा आरएक्स-100 एक ऐसी मोटरसाइकिल थी, जब वो सड़क पर चलती, तो लोगों की नजरें उस पर टिक जाती थीं. बाइक का हर एक शौकीन शख्स इस मोटरसाइकिल को लेना चाहता था.

हल्का वजन, चलाने में सुलभ और इसका दमदार इंजन लोगों को अपना दीवाना बना लेता था. आरएक्स-100 मोटरसाइकिल उन सभी लोगों को उत्साह से लबरेज कर देती थी, जो यात्रा के रोमांच पर जाना चाहते थे.

कंपनी ने अपनी इस बहुचर्चित बाइक को बनाना बंद भले ही कर दिया हो, लेकिन आज भी आपको ये मोटरसाइकिल भारतीय सड़कों पर फर्राटा भरते हुए नजर आ जाएगी.

आज भी बाइक के शौकीनों के लिए यामाहा आरएक्स-100 एक दमदार मोटरसाइकिल है. बाइक के दीवानों ने इसे अपने हिसाब से मोडीफाई किया है और उसी शान के साथ सड़कों पर इसकी सवारी करते हैं.

माना जाता है कि आज भी भारतीय लोग यामाहा आरएक्स-100 बाइक के मोडीफाइड वर्जन को खरीदने के लिए डेढ़ लाख रुपए तक खर्च कर देते हैं.

इससे लोगों के बीच इस 50 हजार रुपए कीमत की गाड़ी के प्रति दीवानगी को देखा जा सकता है

Many-People-Still-Dream-of-Owning-a-RX100

धोनी की पहली पसंद

यही नहीं, भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में भी यामाहा आरएक्स-100 का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है. भारत के मशहूर अभिनेता रजनीकांत अपनी एक फिल्म ‘काला’ में इस बाइक के सहारे गुंडों की धुनाई करते नजर आए थे.

वहीं, इस बाइक के नाम पर तो दक्षिण भारत में एक तेलुगु फिल्म RX100 भी बन चुकी है.

इसके अलावा, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी इस बाइक के बड़े शौकीनों माने जाते हैं. इनके पास आज कॉन्फेडरेट, हैलकेट, कावासाकी, हार्ले डेविडसन, रॉयल एनफील्ड, दुकाटी जैसी लगभग 11 बाइक्स हैं, लेकिन इनकी पहली बाइक यामाहा आरएक्स-100 ही थी.

यामाहा आरएक्स-100 को इन्होंने आज भी अपने सीने से लगाकर रखा हुआ है. धोनी ने सन 2003 में अपने दोस्त से इस बाइक को खरीदा था.

MS Dhoni Purchased His First Bike Yamaha RX100. (Pic: Laughing Colours)

अगर आपके पास भी रोमांच से भर देने वाली ऐसी कोई बाइक है?