कोलकाता पुलिस खाकी की जगह सफेद वर्दी क्यों पहनती है?

हमारे देश के सभी राज्यों में पुलिस खाकी वर्दी पहनती है केवल कोलकाता पुलिस को छोड़कर, खाकी शब्द सुनते ही एक अलग सा एहसास होता है। इस देश में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस का गठन किया गया। यह पुलिस दिन रात हमारे सुरक्षा के लिए मेहनत करती है। इन सुरक्षा कर्मियों को दिल से एक Salute बनता है। लगभग 1765 में अंग्रेज ने बंगाल के दीवानी पर कब्ज़ा कर लिया। तो समझतें है की पहले दीवानी होता क्या था ? पहले दीवानी का मतलब यह था की एक ऐसा जगह जहाँ कुछ लोग एक समूह बनाकर गांव या शहर की सुरक्षा करते थें। सन 1781 में वारेन हेस्टिंगस ने अंग्रजो और वहां के ग्रामीणों को पुलिस में नियुक्त किया, वहां से पुलिस की शुरुआत हुयी।

खाकी की शुरुआत कब और क्यों हुई ?

सन 1847 में खाकी की शुरुआत हुई सबसे पहले खाकी पहने वाले अंग्रेज हैरी लमस्डेन थे। इनके बाद ही खाकी वर्दी  पुलिस पहनने लगी। आखिरकार खाकी की जरुरत क्यों पड़ी क्यूंकि पहले वाइट वर्दी हुआ करती थी और लम्बे समय तक ड्यूटी करना होता था लम्बे समय तक ड्यूटी करने के बाद बहुत सारा धूल, मिट्टी उस वर्दी पर जमा हो जाता था जिसके कारण वर्दी अत्याधिक्त गन्दा होता जाता था। गंदे से बचने के लिए खाकी वर्दी का उपयोग किया जाने लगा।

Khaki Uniform

अचानक White वर्दी के बाद खाकी वर्दी नहीं आई ?

White वर्दी को अलग अलग रंग में प्रयोग करके पुलिस पहनने लगी इसमें सबसे बरी दिक्कत यह आने लगी की पुलिस वाले पहचान में नहीं आते थें और अंग्रेजों को पहचानने में दिक्कत होने लगी कौन पुलिस है और कौन ग्रामीण, बाद में अंग्रेजों ने खाकी वर्दी सभी को पहनने को Permission दे दिया।

हर राज्य की वर्दी खाकी क्यों होती है ?

सन 1861 में लॉर्ड कार्नवालिस ने पुलिस एक्ट लाया जिसके तहत हर राज्य के प्रत्येक जिले में पुलिस नियुक्त किया गया। उस समय हर जिले में जितने पुलिस कर्मी थे उन्हें खाकी पहनना था। यही कारण है की हर राज्य की पुलिस की वर्दी खाकी हुआ करती है। अगर खाकी का हिंदी में अर्थ देखा जाए तो गद्दी मिट्टी का रंग होता है, इस खाकी रंग के डाई लगाने के बाद पुलिस की वर्दी पर दाग नहीं लगता।

Kolkata Police

तो क्या कारण है की पश्चिम बंगाल की पुलिस खाकी वर्दी पहनती है और वहीं कोलकता की पुलिस White वर्दी ?

जब सन 1847 में अंग्रेज अफसर हैरी लमस्डेन ने खाकी वर्दी को आधिकारिक तौर पर अपनाया था। तभी कोलकाता की पुलिस ने यह ड्रेस पहनने से मना कर दिया। वैसे अंग्रेज़ो द्वारा बनाया गया नियम को तोड़ना मामूली सी बात तो नहीं थी लेकिन कोलकता अंग्रेज़ो का हब बन चुका था वहां जितने भी बड़े-बड़े आधिकारिक थे वहीं रहा करते थें तो किसी भी बात का तार्किक तोड़ उनलोगों के पास था। उन्होंने जवाब दिया की कोलकाता तटीय क्षेत्र से सटा हुआ है, यहाँ ज्यादा गर्मी पड़ती है इसीलिए यहाँ की पुलिस White वर्दी पहनेगी। ऐसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखे तो सफ़ेद रंग ज्यादा बेहतर होता है क्यूंकि इस रंग से सूरज की रौशनी परिवर्तित हो जाती है। ऊपर के अधिकारिओं ने भी ही यह बात मान लिया की सभी जगह की पुलिस खाकी वर्दी पहनेगी केवल कोलकाता पुलिस के छोड़कर।

यही कारण है की कोलकाता की पुलिस White वर्दी पहनती है।

ये भी पढ़ें – क्यों ताजमहल के ऊपर से नहीं उड़ते हवाई जहाज?

You might also like