कितने तरह के होते हैं इंडियन पासपोर्ट, क्या होती है इनकी विशेषताएं?

पासपोर्ट (Passport) या पारपत्र किसी राष्ट्र की सरकार द्वारा जारी अति महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है, जो धारक को अंतरराष्ट्रीय पहचान या उसकी नागरिकता को प्रमाणित करता है। इसके बगैर विदेश की यात्रा गैरकानूनी है, अगर भारतवर्ष के पासपोर्ट की बात करें तो यह संसार की सबसे ताकतवर पासपोर्ट की सूचियों में शामिल है तथा बगैर वीजा के करीब 59 देशों की यात्रा इसके साथ संभव है। बता दें की भारत में अलग अलग रंग के पासपोर्ट को सरकार जारी करती है।  इन पासपोर्ट के अलग-अलग रंग कुछ खास बातों की ओर संकेत करते है तथा उसके महत्व को दर्शाते हैं।
उदहारण के लिए नीले रंग का पासपोर्ट आम लोगों के लिए जारी किया जाता है, वहीं सफेद रंग का पासपोर्ट गवर्नमेंट ऑफिशियल को रिप्रेजेंट करता है। इस तरह के पासपोर्ट के लिए एक आवेदन अलग से देना होता है तथा यह बताना होता है कि वह क्यों यात्रा करना चाह रहा है?

मरुन रंग का पासपोर्ट डिप्लोमैट्स और सीनियर अधिकारी को रिप्रेजेंट करता है। इसमें भारतीय उच्चायोग के अधिकारी या फिर सरकार के प्रतिनिधि शामिल होते है।इस तरह के पासपोर्ट मे विशेष सुविधा भी मिलती है।
अगर बनने की अवधि की बात करे तो सामान्य तौर पर 10 से 20 दिन लगते है और अगर जल्दी बनने की बात हो तो तत्काल 3 से 7 दिन मे बनने की सुविधा है 2000 रुपये की अतिरिक्त शुल्क के साथ। पासपोर्ट बनाने हेतु जरूरी कागजात की अनिवार्यता की बात करे तो आवेदक को एज प्रूफ, एड्रेस प्रूफ, आईडी प्रूफ, लेटेस्ट फोटोग्राफ(जो पासपोर्ट सेवा केंद्र पर ही खींची जाती है) तथा साथ ही शपथ पत्र भी देना पड़ता है कि अदालत में आपके खिलाफ कोई मुकदमा या केस तो नहीं चल रहा है।

अब बात करते हैं पुलिस वेरिफिकेशन की तो यह दो तरह से होती है- एक आवेदन करने पर जिसे Pre- Police verification और दूसरा पासपोर्ट बन जाने के बाद जिसे Post Police verification कहते है।अगर पुलिस जांच के दौरान कोई नकारात्मक तथ्य सामने आते है तो इसकी सूचना पासपोर्ट सेवा केंद्र तक पहुंचाई जाती है और केंद्र द्वारा उसे रोक दिया जाता है।