टाटा जिस स्टार्टअप में निवेश करती है, उसके पीछे इस नौजवान का है दिमाग

दिग्गज कंपनी टाटा ग्रुप समूह जिस नई स्टार्टअप में निवेश करती है उसके पीछे Shantanu Naidu का है दिमाग जी हाँ यह सच है की 28 वर्ष के शांतनु नायडू , टाटा ग्रुप जिस नई स्टार्टअप में निवेश करती है तो शांतनु नायडू ही उसे हैंडल करते है। टाटा ग्रुप के समूह में निवेश के साथ एग्जीक्यूटिव असिस्टेंस का भी काम देखते है।

Shantanu Naidu

कौन है शांतनु नायडू  (Who Is Shantanu Naidu)?

Shantanu Naidu कॉर्नेल विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की पढाई की और अभी टाटा ग्रुप में एग्जीक्यूटिव असिस्टेंस है और साथ में बहुत सारे कंपनी के स्टार्टअप में निवेश का काम भी सँभालते है आपको बता दे टाटा ही नहीं बहुत साड़ी कंपनी है  इनके पास Ola , Paytm , Snapdeal जैसे 30 से ज्यादा कंपनी के स्टार्टअप निवेश हैंडल करते है। सभी के मन में यह प्रशन होगा की कैसे इतनी कम उम्र में यह सब करते है। आखिर कैसे इतने बड़े समूह में इतने बड़े जिम्मेमदारी हैंडल करते है  कैसे रतन टाटा की इनपर नज़र पड़ी? चलिए जानने की कोशिश करते है।

Shantanu Naidu

कुत्तों से लगाव के कारण टाटा की नजर इनपर पड़ी –

शांतनु 2014 में ऑटोमोबाइल इंजीनियर थे। एक दिन शांतनु नायडू जब रात में अपने घर पैदल लौट रहे थे तभी अचानक उनके बगल से कार निकली उस समय स्ट्रीट में लाइट नहीं था और कुछ मीटर की दुरी पर कुत्ता था वह कार चालक ने कुत्ते  को नहीं देख पाया और उस कुत्ते को रौद कर चला गया। शांतनु नायडू दौर कर उस कुत्ते के पास गए लेकिन वह कुत्ता बच नहीं पाया।

Belt Made By Shantanu Naidu

फिर शांतनु को दिमाग आया की कैसे इन कुत्तों को बचाया जा सकता है फिर शांतनु ने एक बेल्ट बनाया। अगर वह बेल्ट कुत्ता को पहना दिया जाए तो दूर से भी वह कुत्ता देखा जा सकता था चाहे स्ट्रीट में लाइट हो या न हो आसानी से कुत्तों को देखा जा सकता है। यह प्रैक्टिकल अपने स्ट्रीट में किया तो वहां कुत्तों का एक्सीडेंट काम होने लगा। कुत्तों से लगाव रतन टाटा को बहुत है। आप इन तस्वीरों में देश सकते है।

 

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तो शांतनु के पिता जी ने कहा की रतन टाटा को एक पत्र लिखो। आपको बात दे की शांतनु के 4 पीढ़ी टाटा में ही काम करते आ रहे हैं। अपने पिताजी की बात मानकर इन्होने पत्र लिखा। कुछ दिनों बाद रतन टाटा से मिलने का का मौका मिला। रतन टाटा इस आईडिया से काफी प्रभवित हुए क्यूंकि रतन टाटा को कुत्तों से जयादा लगाव है।

शांतनु नायडू ने जो बेल्ट बनाया था उनको मेटोपॉज (Motopaws) नाम से कंपनी बना डाली आज दुनिया के 3 देशों में और भारत के करीब 16 सिटीज में इनके वॉलन्टियर काम कार रहे है।

 

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2018 में टाटा की ऑफिस ज्वाइन किया

2018 में जब टाटा की तरफ से ऑफिस ज्वाइन करने का मौका मिला तो Shantanu Naidu कहते है यह समय हमारे लाइफ का वह क्षण था जो मैं शब्दों में व्यक्त करना चाहु तो शब्द काम पर जाएंगे। साथ ही रतन टाटा जैसे महान हस्तियों के साथ काम करने का मौक़ा बहुत सौभग्य से मिलता है।

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