8 साल की उम्र में ही घर छोड़ गया था ये बिहारी लड़का, IAS बनकर लौटा गांव तो झूम उठे लोग

Success Story of IAS Sumit Kumar: किसी भी बच्चे के लिए बचपन का समय काफी महत्वपूर्ण होता है, इस उम्र में बच्चे शरारत तो करते ही है। इसके साथ-साथ वो अपने माता पिता और घर के बुजुर्गो से संस्कार भी लेते है। कई बार इंसान को बचपन की सीख जीवन में काफी काम आती है। पर सभी बच्चों का बचपन हमेशा एक सा हो ये बिलकुल भी जरुरी नहीं है। कभी-कभी ऐसा भी होता है की कम उम्र में ही बच्चों को अपने परिवार और माँ बाप से दूर जाना पड़ता है।

आज (IAS Success Story) में हम आपको एक ऐसे ही लड़के की कहानी बताने जा रहे हैं। जिसे बचपन में ही अपने परिवार से दूर जाना पड़ा था। हालाँकि उसका ये त्याग व्यर्थ नहीं गया और वो लड़का आज भारत की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा UPSC पास करके IAS बन चूका है।

Sumit-Kumar-IAS-Biography

बिहार के जमुई जिले के सिकंदरा गाँव से आने वाले सुमित कुमार (Sumit Kumar IAS) का बचपन काफी मुश्किलों भरा रहा है। सुमित जब केवल 8 साल के थे, तब उन्हें अपने परिवार से दूर बोर्डिंग स्कूल में पढ़ने के लिए भेज दिया गया था। सुमित के बचपन से ही उनके पिता का सपना था की वो कुछ बड़ा करे।

सुमित कहते हैं की उनके गाँव के पास कोई बढ़िया इंग्लिश मध्यम स्कूल नहीं था। इसी कारण से उनके पिता ने अलग-अलग राज्यों में उनके लिए बोर्डिंग स्कूल ढूंढना शुरू कर दिया था और आखिर में उन्हें सिर्फ 8 साल की उम्र में ही परिवार से दूर बोर्डिंग स्कूल में पढ़ने के लिए भेज दिया गया।

Sumit Kumar IAS

खेल कूद करने की उम्र में ही सुमित को अपना घर और परिवार छोड़ना पड़ा ताकि उसका भविष्य उज्जवल हो सके। सुमित ने साल 2007 में मैट्रिक की परीक्षा तो 2009 में इंटर की परीक्षा दी तथा दोनों ही परीक्षाओं में वो अच्छे मार्क्स से पास हुए। 12 वीं करने के बाद सुमित का सिलेक्शन IIT कानपूर में हो गया जहाँ से उन्होंने अपने B.Tech की पढाई पूरी की।

इंजीनियरिंग करने के बाद सुमित एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करने लगे थे, पर जॉब के 2 साल बाद उन्होंने UPSC की तयारी करने का फैसला किया। यही से सुमित के आईएएस बनने के सफर की शुरुवात हुई। 2016 में पहली बार सुमित ने UPSC की परीक्षा दी, हालाँकि वो इस एग्जाम में सफल नहीं हो पाए, इसके बावजूद उन्होंने तैयारी जोड़ शोर से जारी रखी।

2017 में उन्होंने फिर इस परीक्षा में अपना किस्मत आजमाया और इस बार सुमित सफल हुए और उन्हें 493 वां रैंक मिला। सुमित सफल तो हो गए थे पर उनकी रैंक ज्यादा अच्छी नहीं थी। जिसके कारण उन्हें डिफेन्स कैडर मिला पर सुमित इस से ज्यादा खुश नहीं थे, क्यूंकि उनकी मंजिल आईएएस थी। सुमित कहते हैं की 2017 की परीक्षा में उनके मेंस और प्रीलिम्स में काफी अच्छे मार्क्स आये थे।

Sumit-Kumar-IAS-Success-Story

पर इंटरव्यू में उन्हें उम्मीद से काफी कम मार्क्स आये, जिसके कारण उनकी रैंक कम हो गयी थी। सिलेक्शन होने के बाद सुमित ट्रेनिंग के लिए चले गए थे, हालाँकि उन्होंने IAS की तैयारी जारी रखी और फिर से एग्जाम देने का मन बना लिया। साल 2018 में सुमित कुमार तीसरी बार UPSC की परीक्षा में शामिल हुए और इस बार जब आईएएस के परिणाम घोषित हुए तो सुमित का आईएएस बनने का सपना हकीकत में बदल गया।

बता दें की उन्हें UPSC 2018 के परिणामों में पुरे भारत में 53 वां रैंक हासिल हुआ था। आईएएस बनने के बाद जब सुमित अपने गाँव गए, तो उनके घर ही नहीं पुरे गाँव में हर्ष और खुशी का माहौल था। सब बहुत खुश थे और हो भी क्यों न उनके गांव का लाल अब आईएएस जो बन गया था।

ये भी पढ़ें – माँ के साथ चूड़ियां बेचने वाला लड़का बना IAS, कसम खाई थी अफसर बनके ही गांव में रखूँगा पांव