कॉलेज में फेल, UPSC में भी 2 बार फेल, पिता गुजर गए, फिर भी लड़ी और UPSC निकाला!

विफलता ऐसी चीज है जिस से बड़े बड़े लोग भी बाहर नहीं निकल पाते हैं, जीवन में ठोकर खाने और असफल होने के बाद इंसान टूट जाता है और उसके लिए फिर से खड़े होना, काफी मुश्किल भरा काम लगने लगता है। दुनिया में कई ऐसे लोग भी होते हैं जो बड़ी से बड़ी असफलता मिलने के बावजूद भी हार नहीं मानते और अपने प्रयासों को पूरी लगन के साथ जारी रखते हैं।

असफल होने के बाद निरंतर कोशिश करना बिलकुल भी आसान नहीं होता है, पर कहते हैं न की जिसने खुद से हार नहीं मानी उसे कोई नहीं हरा सकता। आज हम आपको श्रुति शर्मा (Story of IES officer Shruti Sharma) की कहानी बताने जा रहें हैं, जिन्होंने जिंदगी में कई विफलता मिलने के बाद भी अपने मेहनत को कम नहीं किया और आखिरकार उन्हें अपनी मंजिल मिल ही गयी।

श्रुति कोलकाता से हैं, हालांकि उनका परिवार बाद में दिल्ली शिफ्ट हो गया था। श्रुति का झुकाव बचपन से ही पढाई की तरफ था, 12th तक की पढाई के बाद श्रुति ने बी टेक में एडमिशन ले लिया, बचपन से पढाई के तरफ झुकाव रखने वाली श्रुति कॉलेज में आकर अपने मंजिल से भटकने लगीं।

Shruti Sharma IES

श्रुति कहती हैं की बी टेक करते हुए पहले साल में वो 2 विषय में फेल हो गयी थी और दूसरे साल तो इस से भी अधिक 3 विषय में फेल हुई। श्रुति कहती है की ऐसे हालत में जब मैं अपने विषय में ही पास नहीं कर पा रही थी, तो UPSC के बारे में दूर दूर तक नहीं सोचा जा सकता था। पर उनके दोस्तों ने उन्हें मोटिवेट किया और उनका हौसला बढ़ाया, जिसके बाद श्रुति ने बी टेक की पढाई पूरी कर ली।

Success

पहली बार श्रुति ने UPSC की परीक्षा 2014 में दी थी जिसमे वो सफल नहीं हो पायी, श्रुति को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब उन्होंने 2015 में अपने पिता को खो दिया, विफलता और उनके पिता के गुजरने के बाद भी श्रुति मेहनत करती रही और 2015 में उन्होंने फिर से परीक्षा दी, पर इस बार वो केवल 7 मार्क्स से पीछे रह गयी और सेलेक्ट नहीं हो पायी।

श्रुति कहती हैं की काफी मेहनत के बाद भी जब उन्हें सफलता नहीं मिली तो वो 2,3 महीने तक डिप्रेशन में जा चुकी थी, 2016 में उन्होंने दोस्तों के कहने पर आखिरी बार UPSC की परीक्षा दी और जी जान से मेहनत की और इस बार वो सफल हुई। श्रुति अभी एक IES अफसर हैं और वो रक्षा मंत्रालय में असिस्टेंट डायरेक्टर के पोस्ट पर कार्यरत हैं।

Shruti Sharma IES Story
Photo – Josh Talks

श्रुति की कहानी से हम ये सिख सकते हैं की चाहे जीवन में कैसे भी हालत हो इंसान को हार नहीं माननी चाहिए और कोशिश करते रहनी चाहिए,  अगर आप हार मान लेंगे तो आपका सफर वही खत्म हो जायेगा पर अगर लगतार कोशिशें जारी रखी जाए और निरंतर मेहनत किया जाये तो सफलता एक दिन अवश्य आपके कदम चूमेगी।

The Live Post श्रुति को उनकी सफलता पर ढेर सारी बधाई देता है, इसके साथ ही वो जीवन में ऐसे ही आगे बढ़ती रहें और अपने काम से अपना और देश का नाम रौशन करें ऐसी कामना करता है।

You might also like