एक साथ कई जिम्मेदारियां होने के बाद भी प्रज्ञा ने नहीं मानी हार, कड़ी मेहनत से UPSC क्रैक कर बनी IPS!

[IPS Pragya Jain Biography in Hindi] ना जाने कितनी ही ऐसी महिलाएं हैं जो शादी एवं बच्चे हो जाने के बाद उन्हीं जिम्मेदारियों में उलझ कर रह जाती हैं और वो उससे आगे कुछ करने की सोच भी नहीं पातीं वहीं कुछ महिलाएं इन जिम्मेदारियों को निभाते हुए भी अपने सपने को हकीकत में बदलने की चाह रखती हैं।

इसके साथ ही वो उस सपने को पूरा करने की पूरी कोशिश करत हैं और उनमे से कइयों को सफलता भी मिलती है। आज कहानी में हम एक ऐसे ही महिला आईपीएस डॉ० प्रज्ञा जैन (IPS Pragya Jain) के बारे में बताएंगे जिन्होंने अपने क्लीनिक तथा अपने परिवार एवं यूपीएससी की परीक्षा के दौरान गर्भवती होने के बावजूद भी इस कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर एक मिशाल कायम किया।

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उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के  एक छोटे से कस्बे बड़ौत में जन्मी प्रज्ञा जैन की प्रारंभिक शिक्षा भी वहीं से हुई है। प्रज्ञा बचपन से ही पढ़ने में काफी होशियार थीं। उन्होंने 10वीं एवं 12वीं कक्षा में अपने जिले पहला स्थान प्राप्त किया था। प्रज्ञा कहती हैं की जब भी किसी को तकलीफ में देखती थी तो उन्हें बहुत बुरा लगता था, इस लिए प्रज्ञा जैन (IPS Pragya Jain) डॉ० बनने का फैसला किया और वे एक आयुर्वेद कि डॉ बन गईं।

उनके पिता भी एक आयुर्वेद डॉक्टर थे। इसके बाद उन्होंने बड़ौत में एक क्लीनिक खोली और वहां लोगों की सेवा करने लगी पर इसके बाद उनकी शादी हो गई और वो अब दिल्ली चली गयी, यहां भी उन्होंने क्लीनिक खोली। घर की जिम्मेदारियों के साथ वो क्लीनिक भी संभालतीं थी। इस दौरान उन्हें लगा कि लोगों की मदद करने के लिए यह काफी नहीं है और उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा देने की ठानी।

उनका सपना अब यूपीएससी में सफलता हासिल कर लोगो की सेवा करना बन गया था। प्रज्ञा जैन पूरी जी जान से अपनी तैयारियों में लग गई। परिवार तथा क्लीनिक की जिम्मेदारियों के साथ साथ यूपीएससी की तैयारी करना उनके लिए आसान नहीं था। प्रज्ञा जैन (IPS Pragya Jain) 6-7 घंटे क्लीनिक में ही रहती इसके बाद जो समय बचता उसमें वो यूपीएससी की पढ़ाई करती।

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उन्हें जहां भी थोड़ा बहुत समय मिलता उसमें भी वे अपनी तैयारी करती थी। IPS डॉ० प्रज्ञा जैन (Pragya Jain) अपने पहले अटेम्प्ट में साक्षात्कार में चयनित नहीं हो पाई। लेकिन उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी। दूसरे प्रयास में सेहत नहीं ठीक हो पाने के कारण वे प्री लिम्स में भी सफलता पाने से चूक गयी। तीसरे प्रयास में सफलता के अलावा उनके पास कोई और विकल्प  नहीं था क्यूंकि इस बार यदि वो सफल नहीं होती तो उनकी यूपीएससी देने कि उम्र सीमा समाप्त हो जाती।

अपने तीसरे एवं आखिरी प्रयास के दौरान वे गर्भवती भी थीं। इसके बाद भी डॉ० प्रज्ञा जैन (Pragya Jain) हार नहीं मानी उन्होंने पूरी मेहनत से तैयारी की और इसका नतीजा यह हुआ कि उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा ने सफलता हासिल कर 194 वाँ रैंक प्राप्त किया। प्रज्ञा ने अपने दिए गए एक साक्षात्कार में बताया था कि उन्होंने कभी भी कोई कोचिंग ज्वाइन नहीं किया था उन्होंने खुद से ही UPSC की तैयारी की थी।

वो बहुत सारे मौक टेस्ट दिया करती थीं, जिससे उनकी तैयारी अच्छी हो पाए और वो हमेसा मॉक टेस्ट भी परीक्षा जैसे माहौल दिया करती थीं ताकि वे परीक्षा के लिए अभ्यस्थ हो जाएं। उन्होंने कहा कि कोचिंग ज्वाइन करें या ना करें प्रतियोगियों को ज्यादा से ज्यादा मॉक टेस्ट देने चाहिए, इससे उनकी तैयारी अच्छे से होगी और वे परीक्षा में अच्छा कर पाएंगे।

डॉ० प्रज्ञा जैन (IPS Dr. Pragya Jain) एक बेहतरीन उदाहरण हैं उन सभी लड़कियों के लिए जो कुछ करना तो चाहती हैं लेकिन समय के आभाव में नहीं कर पाती यदि वे भी प्रज्ञा की ही तरह अपने सपने के लिए समय निकालें और मेहनत करने को तत्पर तो निश्चित ही वे भी सफलता हासिल कर सकती हैं।

देखिये IPS Doctor Pragya Jain का दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिया गया ये इंटरव्यू!

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