पापा ने कहा था इस बार पास नहीं हुई तो करा देंगे शादी, निधि ने बंद कमरे में की 6 महीने तैयारी, आज हैं IAS!

[Nidhi Siwach Biography in Hindi] बहुत सी ऐसी लड़कियां होती हैं जो अपने परिवार के दबाव में आकर कुछ कर पाने के पहले ही शादी कर लेती हैं, यहां तक कि कुछ लड़कियाँ तो अपनी पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पाती और अपने सपने को हकीकत में नहीं बदल पातीं। लेकिन आज कहानी में हम आपको बताएंगे।

हरियाणा की एक ऐसी लड़की के बारे में जिसने अपने परिवार द्वारा शादी का दबाव बनाए जाने के बावजूद अपनी मेहनत और लगन से यूपीएससी की परीक्षा में 83वीं रैंक हासिल की। हरियाणा के गुरुग्राम में जन्मी निधि सिवाच (Nidhi Siwach) की शुरुआती पढ़ाई भी यहीं से हुई है। 10वीं कक्षा के बाद वे इंजीनियरिंग करना चाहती थीं।

12वीं के बाद उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया। इसके बाद वे हैदराबाद की एक कंपनी में नौकरी करने लगीं। लेकिन उनका मन वहां ज्यादा दिन नहीं लगा। उनका सपना बचपन से ही वायुसेना में जाने का था, इसीलिए उन्होंने एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) की परीक्षा दी।

उन्होंने परीक्षा तो पास कर ली लेकिन साक्षत्कार के दौरान उनका चुनाव नहीं हुआ। इंटरव्यू पैनल के ही एक सदस्य ने उन्हें यूपीएससी की तैयारी करने की सलाह दी और यहीं से निधि का सपना एक आईएएस अधिकारी बन देश की सेवा करना बन गया। निधि ने जी-जान से परीक्षा की तैयारी करनी शुरू कर दी, लेकिन उस समय यूपीएससी के प्रीलिम्स में केवल 3 ही महीने बाकी थे।

तब तक निधि सिवाच (Nidhi Siwach) प्रीलिम्स का सिलेबस भी समाप्त नहीं कर पाई थीं। इस कारण वे अपने पहले प्रयास में असफल हो गई। असफलता के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी तैयारियों में व्यस्त हो गईं। इस बार भी तैयारी अच्छे तरीके से ना हो पाने के कारण वो सफलता प्राप्त करने से चूक गई। दूसरी बार असफल होने के बाद उनके परिवार वाले उनपर शादी करने का दबाव बनाने लगे।

लेकिन निधि सिवाच (Nidhi Siwach) अब यूपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त करने की ठान चुकी थीं। उन्होंने अपने परिवार वालों को किसी तरह मनाया जिसके बाद उनके परिवार ने उन्हें एक मौका दिया। उन्होंने निधि से कहा कि वे यदि इस बार सफल नहीं हो पाती हैं, तो वे उनकी शादी कर देंगे। लेकिन निधि हताश नहीं हुई इस बार वे दुगुनी मेहनत से तैयारियों में लग गई।

उनकी मेहनत एवं लगन का परिणाम यह हुआ कि निधि ने इस बार यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल कर 83वीं रैंक के साथ टॉपर्स की सूची में अपनी जगह बनाई। निधि सिवाच (IAS Nidhi Siwach) ने अपने दिए गए एक साक्षात्कार में बताया कि तैयारी के दौरान उन्होंने 6 महीने तक खुद को एक कमरे में बंद रखा था ताकि वे भटकाव से बच सकें।

इस दौरान उन्होंने अपने परिवारवालों से भी बात नहीं की, साथ ही सोशल मीडिया से भी दूर रहीं। निधि उदाहरण हैं उन सभी लड़कियों के लिए जो अपने परिवार के दबाव में आकर अपने सपने को पूरा नहीं कर पाती। यदि सभी लड़कियां निधि की तरह ही अपने लक्ष्य को पाने की ठान लें तो निश्चित ही वे अपने हर सपने को सच कर सकती हैं।    

देखिये निधि सिवाच (Nidhi Siwach) का दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिया गया इंटरव्यू!

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