पिता को कलेक्टर ऑफिस के बहार चक्कर काटते देख, तो बेटी को हुआ दुःख और बन गई कलेक्टर

यह कहानी है IAS Rohini Bhajibhakare की जिन्होंने अपने पिता को कलेक्टर ऑफिस के बहार बार-बार चक्कर काटते देख बेटी ने क्रैक किया UPSC उन्होंने अपने पिताजी से पूछा की ये कलेक्टर ऑफिस में काम इतनी जल्दी क्यों नहीं होता तब उनके पिताजी ने जवाब दिया की System ऐसा ही है हर काम बहुत देरी से होता है। तभी रोहिणी भाजिभरके ने निर्णय लिया की वह एक IAS ऑफिसर्स बनकर इस प्रकार के System को बदल देगी।

IAS Roshni Bhajibharke

Rohini Bhajibhakare का जन्म एक छोटे से गांव महराष्ट्र के सोलापुर में हुआ और इनके पिताजी एक किसान थे। अपने पिताजी को कलेक्टर ऑफिस के बहार चक्कर काटते देख Rohini Bhajibharke अपने मन IAS बनने की ठान ली। इन्होने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा सरकारी स्कूल से पास की तथा 12 वीं की कक्षा पढाई सोलापुर से की। फिर इन्होने बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग की डिग्री ली और उसके बाद UPSC की तैयारी में लग गयी।

IAS Roshni Bhajibharke

वह कहते है जिसके हौसले बुलंद होते है उनको मुश्किलों से डर नहीं लगता वही जूनून Roshni Bhajibharke में था अपने पिताजी के आँख में आंसू उनको याद थे कैसे वह धुप में चक्कर कटा करते और काम नहीं होता।

रौशनी ने Private Coaching भी नहीं लिया अपने  लगन और प्रयास से इन्होनें 2008 में UPSC निकाल लिया और IAS बनने का सपना अपना पूरा किया। IAS Roshni Bhajibharke कहती है की UPSC के लिये हौसले ढृढ़ होने चाहिए आपके हौसले आपको सफलता दिलाएगी और मेरा हौसला मेरे पिताजी थे।IAS Roshni Bhajibharke

IAS अधिकारी बनकर जनता की सेवा में जूट गयी  

IAS Roshni Bhajibharke बनकर जनता की खूब सेवा की आपको बता दे की 2008 में उनकी पहली पोस्टिंग तमिलनाडु के मदुरई में असिस्टेंट कलेक्टर के पोस्ट पर हुई और उसके बाद तीदीवानं में सब कलेक्टर के तौर पर हुई। जब मदुरई में इनकी पहली पोस्टिंग हुईं तब इन्होने इतने काम किए की इनको पूरा भारत जानने लगा। मदुरई पहला जिला खुले में शौच मुक्त घोषित हुआ।

 Roshni Bhajibharke IAS

यहीं नहीं Manerega को इतनी अच्छे से Implement किया की 2016 में इनको Award से नवाजा गया। इतना ही नहीं रोहिणी ने जब सलेम में कलेक्टर के तौर पर नियुक्त हुई तो इतिहास रच दिया 1790 के बाद जिले में 170 कलेक्टर आए लेकिन कोई महिला अधिकारी नहीं आयी। ये पहली महिला अधिकारी नियुक्त हुई।

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