जानिए ऑक्सीजन सिलिंडर और वेंटीलेटर में अंतर! कोरोना के मरीज Nebulizer का प्रयोग क्यों ना करें?

भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के रिकॉर्ड 4 लाख 1 हजार के करीब मामले दर्ज किये गए हैं, अब तक का ये सबसे बड़ा उछाल है और ऐसा माना जा रहा है की, कोरोना से हालात ऐसे ही रहे तो कुछ ही दिन में भारत में प्रतिदिन मामलों की संख्या 5 लाख के भी पार पहुंच सकती है। कुछ रिपोर्ट्स की माने तो भारत में कोरोना की दूसरी लहार इतनी खतरनाक है की अगर सावधानी नहीं रखी गयी तो प्रतिदिन आने वाले कोरोना के मामलों की संख्या 1 मिलियन तक भी पहुंच सकती है।

पिछले साल जब भारत में कोरोना के नए मामले आने शुरू हुए थे, तब भी भारी संख्या में लोगों के संक्रमित होंगे ऐसा कयास लगाया जा रहा था। पर भारत ने पिछली लहर को संभाल लिया था। कुछ हद तक कहे तो कोरोना उस समय उतना तांडव नहीं मचा पाया था। पर इस बार हालात बिलकुल ही बदल चुके है। मरीजों की संख्या अस्पतालों में इतनी है की कहीं-कहीं 1 बेड पर कई मरीजों को रखा गया। ऐसी तस्वीरें देश के कई राज्यों से आयी थी। सच में ये हालत देख किसी भी इंसान का मन विचलित हो सकता है।

देश के अस्पतालों में इस समय बेड तो नहीं ही है इसके साथ-साथ ऑक्सीजन की भी भारत में इस समय काफी किल्लत हो गयी है। ऑक्सीजन की कमी के वजह से अब तक कई मरीजों की भी जान जा चुकी है। देश में कई जगहों पर ऑक्सीजन के नए प्लांट्स लगाए जा रहे हैं। पर फिर भी अभी सप्लाई की पूर्ति नहीं हो पा रही है। इस संकट की घड़ी देश के लोग एकजुट नजर आ रहे है, चाहे सोशल मीडिया हो या आम साधन हर तरह से लोग एक दूसरे की मदद की कोशिश कर रहे हैं।

देश में इस समय दो चीजें सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है पहली है ऑक्सीजन सिलिंडर तो दूसरी है वेंटीलेटर। बहुत से लोगों के मन में इन दो चीजों के बारे में कन्फूजन भी बहुत होता है।

जानिए ऑक्सीजन सिलिंडर और वेंटीलेटर में अंतर खान सर से 

बता दें की भारत में इस समय कोरोना के मरीजों की संख्या लगभग 2 करोड़ के पास पहुंच चुकी है। तथा अब तक 2 लाख 10 हजार से भी अधिक लोग इस भीषण बीमारी की चपेट में आके अपनी जान गँवा चुके हैं। हालाँकि अच्छी बात ये है की भारत में कोरोना को हराकर अब तक 1 करोड़ 57 लाख लोग ठीक भी हुए हैं।

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