कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री में क्या अंतर है समझिए Khan Sir से

आज हम इस ब्लॉग के माध्यम से हम आपको बताएंगें की कैबिनेट मंत्री और राज्यमंत्री में क्या अंतर होता है? भारतीय संविधान के अनुच्छेद 74 एवं 75 में मंत्रिपरिषद का प्रावधान किया गया है। यह मंत्रिपरिषद देश के लिए निति-निर्धारण तय करने का काम करते हैं इन्हें चार वर्गों में बता गया है जो इस प्रकार है:-

  1. कैबिनेट मंत्री (Cabinet Minister)
  2. राज्य मंत्री (State Minister)
  3. स्वतंत्र प्रभार (Independent Charge)
  4. उप मंत्री (Vice Minister)

अधिक जानने के लिए Khan Sir का यह Video देखें।

मंत्री परिषद क्या है?

जब हमारे देश में चुनाव खत्म हो जाता है तो चुनाव के बाद जितने वाली पार्टी निर्धारित करती है की देश को चलाने के लिए उन्हें किन-किन लोगों की आवश्यकता है। देश को चलाने के लिए वह पार्टी कुछ चुनिंदा लोगो की लिस्ट तैयार करती है इन सभी व्यक्तियों को मंत्रिपरिषद के नाम से जाना जाता है।

इन मंत्रीपरिषद में चार प्रकार के मंत्री होते है कैबिनेट मंत्री , राज्य मंत्री , स्वतंत्र प्रभार मंत्री , उप मंत्री।

कैबिनेट मंत्री (Central Minister) :- भारतीय गणराज्य में यह सबसे शक्तिशाली मंत्रालय है जिसका नेतृत्व खुद प्रधानमंत्री करते है। इसमें पार्टी के कुछ वरिष्ठ लोग मंत्री बनते है और देश के विकास में अपना प्रमुख्य रोल अदा करते है।

आज के समय में भारत में कैबिनेट मंत्री की सूचि इस प्रकार है:-

• नरेंद्र मोदी : प्रधानमंत्री , परमाणु ऊर्जा विभाग , अंतरिक्ष विभाग , कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन विभाग , सभी महत्पूर्ण नीतिगत मामले एवं उन सभी विभागों के मंत्री

• राजनाथ सिंह : रक्षा मंत्रालय

• अमित शाह : गृह मंत्रालय

• नितिन जयराम गडकरी : सड़क परिवहन , राजमार्ग  और जहाजरानी मंत्रालय

• डी वी सदानंद गौड़ा : उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय

• निर्मला सीतारमण : वित्त मंत्रालय

• रवि शंकर प्रसाद : कानून एवं न्याय मंत्रालय , संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी

• एस जयशंकर : विदेश मंत्रालय

• अर्जुन मुंडा : जनजातीय कार्य मंत्रालय

• डॉक्टर हर्षवर्धन : स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्रालय, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ,भू विज्ञान मंत्रालय

• पियूष गोयल : रेल मंत्रालय, वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय , उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय

• मुख़्तार अब्बास नकवी : अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय

• डॉ महेंद्र नाथ पांडेय : कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय

• गजेंद्र सिंह शेखावत : जल शक्ति मंत्रालय

Source :- Ministry of Electronics and Information Technology से , आप क्लिक करके और भी मंत्रालय के मंत्री के बारें में जान सकतें है।

राज्य मंत्री (State Minister) : कैबिनेट मंत्री पर ज्यादा लोड ना आवें इसीलिए राज्य मंत्री का गठन किया गया। इसके अंतर्गत प्रत्येक राज्य मंत्री पद वाले व्यक्क्ति को कैबिनेट मंत्री के निर्देशानुसार कार्य करना होगा।

कैबिनेट बैठक में कैबिनेट का मंत्री बैठ सकता है लेकिन राज्य मंत्री बैठक में शामिल नहीं हो सकता। हाँ, विषम परिस्थिति में राज्य मंत्री बैठक ले सकता है।

मंत्रीपरिषद के बारें में Details जानने के लिए निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री (Independent Charge) : इस पद पर जो व्यक्ति शपथ लेते है वो व्यक्ति अपने विभाग का प्रमुख्य रहते है , इनके काम करने का कार्य कैबिनेट के अधीन नहीं रहता। यह अपना कार्य करकर अपना रिपोर्ट प्रधानमंत्री को देते है अगर प्रधानमंत्री चाहें तो इस काम के लिए एक विशेष व्यक्ति को नियुक्त कर सकता है।

कैबिनेट बैठक में इन्हें उस समय उपस्थित किया जाता है जब इनके विभाग से जरुरी बातों का उल्लेख किया जा रहा हो।

उप मंत्री (Vice Minister) : जब मंत्री का कार्य ज्यादा हो जाता है तो उस मंत्री के सहयोग के लिए उप मंत्री का गठन किया जाता है। इन्हें अपने वरिष्ठ मंत्री का कार्यभार निर्देशानुसार करना रहता है।

जब इनके वरिष्ठ मंत्री अनुपस्थिति में हो तब इन्हें उस विभाग का सम्पूर्ण कार्य दिया जाता है।

इस Blog के माध्यम से आप जानकारी प्राप्त किए है तो इस जानकारी को आप अपने दोस्तों के साथ Share करें।