पेट्रोल पंप पर काम करते हैं पिता, बेटा कैलाश बना बिहार टॉपर!

26 मार्च को दोपहर 3 बजे बिहार बोर्ड द्वारा 12 वीं के नतीजे घोषित कर दिए गए। नतीजे को लेकर बिहार के छात्रों में पहले से ही काफी उत्साह था। 12 क्लास हर बच्चे के लिए काफी निर्णायक होता है, ऐसे में इस क्लास का परिणामों से बच्चों के करियर पर भी काफी असर पड़ता है। इन्हीं नतीजों के आधार पर ज्यादातर बच्चे अपना आगे का लक्ष्य निर्धारित करते हैं।

बता दें की 26 मार्च को जारी किये गए परिणामों के साथ बिहार बोर्ड ने साइंस, आर्ट्स तथा कॉमर्स के टॉपर्स की सूचि भी जारी की थी। इस लिस्ट में कुछ ऐसे नाम भी सामने आ रहे हैं। जो बहुत ही साधारण परिवार से तालुख रखते हैं पर उन्होंने अपने मेहनत के दम पर बिहार बोर्ड की टॉपर्स की सूचि में अपनी जगह बना ली है।

आज हम आपको एक ऐसे ही टॉपर कैलाश कुमार के बारे में आपको बताने वाले हैं। कैलाश सुपौल जिले के सिमरिया पंचायत के बेलही गांव से आते हैं। आपको बता दें की बिहार बोर्ड के आर्ट्स टॉपर कैलाश कुमार के पिता उपेंद्र मंडल पेट्रोल पंप पर काम करते हैं। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कैलाश ने बताया की उन्हें भी कुछ ऐसे ही परिणामों की उम्मीद थी। मालूम हो की कैलाश कुमार बिहार के प्रसिद्ध सिमुलतला विद्यालय के छात्र हैं।

गौरतलब है की कैलाश कुमार को आर्ट्स में 500 में से 463 अंक मिले थे और वो मधु भारती के साथ संयुक्त रूप से आर्ट्स फैकल्टी में बिहार टॉपर रहे। एक निजी चैनल से बात करते हुए कैलाश ने कहा की उन्हें पूरी उम्मीद थी की वो टॉप करेंगे, इस से आगे बढ़कर उन्होंने कहा की उनकी उम्मीद तो 480 अंक तक आने की थी अब वो कॉपी रीचेकिंग करने के लिए अप्लाई करेंगे।

कैलाश ने आगे बताया की वो इस परीक्षा के लिए रोज 5 घंटे की पढाई किया करते थे तथा उनका पूरा फोकस सिर्फ NCERT की किताबों पर होता था। कैलाश कहते हैं की उनका सपना आगे चलकर सिलविल सर्विसेज की परीक्षा दे कर IAS बनने का है।

आपको बता दें की बिहार विद्यालय परीक्षा बोर्ड ने शुक्रवार 26 मार्च को बीएसईबी इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 के परिणामों की घोषणा की थी। इन परीक्षा परिणामों में प्रथम श्रेणी में 3,61,597 विद्यार्थी, द्वितीय श्रेणी में 5,42,993 विद्यार्थी जबकि तृतीय श्रेणी में 1,41, 352 विद्यार्थी को सफलता हाथ लगी है। वहीं बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा 2021 में कुल परीक्षार्थियों की संख्या 13,40,267 थी, जिसमें से कुल 10,45,950 परीक्षार्थी सफल हुए हैं।