कभी सड़क किनारे एक छोटी सी गुमटी में अंडे बेचता था ये लड़का, आज BPSC पास कर बन चूका है अफसर

[Birendra Kumar Biography in Hindi] कुछ लोग होते हैं जो सपने तो देखते हैं, लेकिन सपने को साकार करने की राह में आनेवाली कठिनाइयों से बहुत लोग हार मान लेते हैं। पर इन्हीं में कुछ ऐसे भी होते हैं, जो सपने को देखने के साथ ही उसे हर कीमत पर पूरा भी करते हैं। ऐसी ही कहानी है बिहार लोक सेवा आयोग की 64वीं सिविल सेवा संयुक्त परीक्षा में 2232 रैंक हासिल करने वाले बीरेंद्र कुमार की।

Birendra Kumar Success Story

(Birendra Kumar) औरंगाबाद जिले के बारूण प्रखंड के एक छोटे से गांव हाथिखाप के रहने वाले हैं। बीरेंद्र तीन भाई हैं, उनके पिता भिखारी राम मोची का काम करते थे, वे फेट हुए जूते सिलकर किसी प्रकार अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वर्ष 2012 में उनके पिता की मृत्यु हो गई थी। जिसके कारण उनके घर अब कमाने वाला कोई नहीं था, इसीलिए (Birendra Kumar) अपने बड़े भाई जितेंद्र एवं पूरे परिवार के साथ औरंगाबाद आ गए।

Birendra Kumar BPSC Biography in Hindi

यहां आकर उन्होंने करमा रोड में स्थित दलित बस्ती में किराए पर दुकान ली तथा किसी तरह अपना गजरा करने लगे। घर की आर्थिक स्थिति नहीं ठीक हो पाने के कारण बीरेंद्र ने अंडे की एक छोटी-सी दुकान खोल ली थी लेकिन उन्होंने पढ़ाई करनी नहीं छोड़ी। जब भी वे दुकान में वे खाली होते अपनी प्रतियोगिता से जुड़ी पढ़ाई करते होते थे।

Birendra Kumar Biography Hindi me

कुछ दिनों बाद जब घर की स्थिति कुछ ठीक हुई तब (Birendra Kumar BPSC) बड़े भाई ने एक दुकान खोल ली जिसमें वे बैग तथा चमड़े से बनी अन्य वस्तुएं  बेंचनें लगे। अब उनके घर की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हो चुका था। इसीलिए उनके बड़े भाई ने उन्हें काम छोड़ पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

इसके बाद बीरेंद्र ने अपने घर के पास में ही रहने वाले एक प्रतियोगी राजीव कुमार के मार्गदर्शन में अपनी पढ़ाई शुरू की। राजीव ने अपनी पढ़ाई दिल्ली से पूरी कि थी। कुछ समय बाद इनका बैच बना तथा सभी प्रतियोगिता की तैयारी करने लगे और इस प्रकार (Birendra Kumar) ने अपनी कड़ी मेहनत से बीपीएससी की प्रतियोगिता में 2232 वीं रैंक प्राप्त कर ली है जिस वजह से उन्हें प्रखंड आपूर्ति अधिकारी का महत्वपूर्ण पद मिला है। 

Birendra Kumar Egg Seller of Bihar who is selected in BPSC

(Birendra Kumar) का सपना अब यूपीएससी में सफलता हासिल करना है तथा वो गरीब बच्चों की सहायता कर उनके लिए सफलता की राह बनाना चाहते हैं। बीरेंद्र की ही तरह यदि सभी अपने सपने को पूरा करने की ठान लें तथा कठिनाइयों का सामना करते हुए भी पूरी मेहनत तथा ईमानदारी से प्रयास करें तो वे भी बेशक अपने सपने को पूरा कर सकते हैं।  

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